नई दिल्ली में १८वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन : एक साथ जुटे विश्व के शीर्ष नेता ।
नई दिल्ली: भारत में आज से १८वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है। दो दिवसीय यह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समागम नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के कारण राजधानी में कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी समेत कई विश्व नेता नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कम से कम १५ विदेशी नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन वार्ताओं में पुतिन, शी जिनपिंग और पेजेश्कियान के साथ बैठक विशेष महत्व रखती है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को कूटनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब सात साल बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। भारत-चीन संबंध, सीमा मुद्दे और द्विपक्षीय सहयोग को लेकर दोनों नेताओं की बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है।इसी तरह, ईरान के राष्ट्रपति बनने के बाद मसूद पेजेश्कियान की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। भारत-ईरान संबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक सहयोग को लेकर उनकी बातचीत भी महत्वपूर्ण होगी। शिखर सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर मोदी -पुतिन वार्ता होने की उम्मीद है। १२ और १३ सितंबर को आयोजित यह सम्मेलन भारत के लिए दो कारणों से ऐतिहासिक है। एक ओर भारत चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, दूसरी ओर यह बहुपक्षीय समूह के गठन के २० वर्ष पूरे होने का अवसर है।विश्व अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग, व्यापार, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर नेताओं की चर्चा ने इस शिखर सम्मेलन को वैश्विक कूटनीति के एक प्रमुख मंच में बदल दिया है।
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